उप-राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के तहत डूंगला खंड में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बूथों और घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक देकर रोगमुक्त भविष्य का संकल्प दोहराया।
बस स्टैंड डूंगला से कार्यक्रम का शुभारंभ
डूंगला बस स्टैंड स्थित टीकाकरण बूथ पर खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार झींगोनिया ने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। डॉ. झींगोनिया ने बताया कि भारत पोलियो मुक्त घोषित हो चुका है, लेकिन पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अभी भी पोलियो के मामले सामने आने से संक्रमण का खतरा बना रहता है, इसलिए 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को हर वर्ष पोलियो की दवा पिलाना जरूरी है।
15,640 बच्चों को लक्ष्य, 108 बूथ और 3 मोबाइल टीम
खंड कार्यक्रम अधिकारी राहुल जैन के अनुसार, खंड डूंगला में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 15,640 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 108 स्थायी बूथों के साथ 3 मोबाइल टीमों द्वारा भी विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर बच्चों को दवाई पिलाई जा रही है, ताकि कोई भी पात्र बच्चा छूट न जाए।
24–25 नवंबर को घर-घर पहुंचेगी टीमें
राहुल जैन ने बताया कि 24 और 25 नवंबर 2025 को टीमें खंड के लगभग 21,000 घरों में जाकर शेष बचे बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी। सुपरविजन के लिए 13 सुपरवाइजरों को तैनात किया गया है, जो बूथों और फील्ड गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि अभियान की कवरेज 100 प्रतिशत के करीब पहुंच सके।
अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों की रही सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान सुपरवाइजर कैलाश बारबर, वैक्सीनेटर तारा चौधरी, सोना अहीर सहित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ मौजूद रहा। चिकित्सा अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं, क्योंकि एक भी बच्चा छूटना, पोलियो मुक्त भारत के लक्ष्य के लिए खतरा बन सकता है।
















