जीला -प्रतापगढ
तहसील-छोटीसादडी
रिपोटर-प्रहलाद जणवा
छोटीसादडी -पीथलवड़ी कलां में गुरुवार से पवित्र रमज़ान माह की शुरुआत हो गई है। चांद दिखाई देने के साथ ही क्षेत्र में आध्यात्मिक और धार्मिक माहौल देखने को मिल रहा है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, इसी महीने में पैगंबर मुहम्मद पर पवित्र कुरान का अवतरण हुआ था। रमज़ान को इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक माना जाता है और यह 29 या 30 दिनों तक चलता है।
रमज़ान के दौरान सभी स्वस्थ वयस्क मुसलमानों के लिए रोज़ा रखना अनिवार्य होता है। रोज़े की शुरुआत सहरी से होती है, जिसमें लोग भोर से पहले उठकर पौष्टिक भोजन करते हैं, ताकि दिनभर ऊर्जा बनी रहे। इसके बाद सूर्यास्त तक भोजन और पानी से परहेज़ किया जाता है। शाम को इफ्तार के समय रोज़ा खोला जाता है, जिसकी विशेष आध्यात्मिक महत्ता होती है।
पीथलवड़ी कलां की मस्जिदों में इफ्तार के समय खास रौनक देखी जा रही है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग एक साथ बैठकर खजूर और पानी से रोज़ा खोलते हैं। इसके बाद सामूहिक नमाज़ अदा की जाती है। कई स्थानों पर परिवार, मित्र और पड़ोसी मिलकर इफ्तार का आयोजन कर रहे हैं, जिससे आपसी भाईचारा और एकता का संदेश फैल रहा है।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, रमज़ान में कुरान पढ़ने और इबादत करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस महीने में की गई हर नेक इबादत और दान-पुण्य का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि लोग ज़रूरतमंदों की मदद, दान और सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
पवित्र रमज़ान का यह महीना आत्मसंयम, धैर्य, त्याग और मानवता का संदेश देता है, जिससे समाज में प्रेम, शांति और सौहार्द की भावना मजबूत होती है।
















