रिपोर्ट- हरीश चन्द्र पालीवाल
चित्तौड़गढ़ जिले के भूपालसागर कस्बे की 27 वर्षीय आकांक्षा पोखरना संयम और त्याग के मार्ग पर अग्रसर होते हुए 8 दिसम्बर को जैन भागवती दीक्षा ग्रहण करेंगी।
भूपालसागर निवासी मीनाक्षी एवं गौतम पोखरना की सुपुत्री आकांक्षा ने सांसारिक जीवन का त्याग कर धार्मिक पथ चुनने का निर्णय लिया है। उनकी दीक्षा कार्यक्रम की घोषणा हुकुम संघ के नवम पठधर, परम पूज्य आचार्य 1008 श्री रामलाल जी महाराज साहब एवं वाचनाचार्य उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि महाराज की कृपा और मार्गदर्शन में हुई है।
पोखरना परिवार ने अनुज्ञा पत्र देशनोक स्थित गुरुदेव के श्रीचरणों में समर्पित किया है। परिवार मूल रूप से दांता गांव से है, जहां से आचार्य नानालाल जी महाराज भी हुए हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब आकांक्षा की दीक्षा से पूरा जैन समाज ही नहीं, बल्कि सर्व समाज में उल्लास और हर्ष का वातावरण है।
8 दिसम्बर को भूपालसागर की पावन धरा पर होने वाला यह अवसर मेवाड़ के लिए गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण साबित होगा।
















