जिला चित्तौड़गढ़
न्यूज लोकेशनबड़ीसादड़ी
रिपोर्टर महेश टांक निकुंभ
चतुर्थ दिवस आयोजक महादेव महिला मंडली बड़ीसादड़ी की ओर से आयोजित कथा में कथावाचक पंडित अनंत राम जी महाराज द्वारा कथा वाचन में
“पद प्रतिष्ठा और मान सम्मान की लड़ाई दुनिया के कोने कोने में हजारों वर्षों से निरंतर जारी है।देवताओं में भी इसी प्रकार का झगड़ा सिंहासन के लिए होता रहा है। समुद्र मंथन के दौरान अमृत पीने को लेकर अमृत कलश के लिए देवता और दानव में खूब लड़ाई हुई। उस दौरान छल कपट का भी उपयोग किया गया। नारद मुनि की कठोर तपस्या से जब इंद्र का सिंहासन डोल उठा तो देवराज इंद्र ने नारद मुनि की तपस्या भंग करने के लिए अप्सराओं को भेजा और अपना कार्य सिद्ध किया। वर्तमान में भी राजनीति हो या घर परिवार सब जगह छल बल हावी है और ज्यादातर व्यक्ति कपटपूर्ण आचरण पर उतारू है। हमें भवसागर को पार करने के लिए ईश्वर भक्ति में मन लगाना चाहिए ताकि संसार से विदा होने के बाद हमें स्वर्ग में स्थान मिले। हमारा अगला जन्म उत्तम कुल में हो। उपरोक्त उद्गार शोभनाथ महादेव महिला भक्त मंडली की ओर से आयोजित शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस की कथा में अनंत राम महाराज ने व्यास पीठ से व्यक्त किए। कथा कार्यक्रम में पंडित धर्मेंद्र आमेटा, शुभम् शुक्ला, दीपक व्यास, दिनेश वैष्णव, नंद लाल जिनगर , सुरेश पोरवाल,युधिष्ठिर धाकड़, राम सिंह राठौड़, नारायण लोहार घनश्याम सोनी सहित बोहड़ा, सेमलिया, फाचर, करजू, जरखाना,पालोद आदि अनेक स्थानों के श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा विश्राम के बाद शिव महापुराण पोथी की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया।
















