रिपोर्ट –प्रतीक तिवारी
लोकेशन– झांसी यूपी
झांसी– जनपद के झांसी और हमीरपुर बॉर्डर में अवैध खनन का कारोबार दिन-प्रतिदिन और बेखौफ होता जा रहा है। हालात यह हैं कि झांसी के मोती कटरा खंड में धसान नदी के भीतर ही प्रतिबंधित भारी मशीनों से धड़ल्ले से मोरम निकाली जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, नदी की जलधारा को चीरते हुए दर्जनों पोकलैंड मशीनें दिन-रात खनन कार्य में लगी हुई हैं, जिससे न सिर्फ नदी का प्राकृतिक प्रवाह बदल रहा है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। संचालक औरैया निवासी संजीव गुप्ता पर आरोप है कि वह एनजीटी के निर्देशों और शासन के नियमों की खुलेआम अवहेलना कर प्रतिबंधित मशीनों से खनन करा रहा है। विभागीय चुप्पी इस पूरे मामले को और संदिग्ध बना रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता ने माफियाओं के हौसले और बुलंद कर दिए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिले के सख्त और तेज-तर्रार अधिकारी भी इस अवैध खनन को रोकने में असहाय क्यों नजर आ रहे हैं

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे खनन से जलधारा का स्वरूप बदलता है, जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट होता है और नदी का कटान तेज हो जाता है। कई स्थानों पर नदी का आकार और दिशा बदलने लगी है। यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो भविष्य में नदियों की पारिस्थितिक संरचना पूरी तरह बिगड़ सकती है। इसी के साथ, खनन से निकली मोरम को ले जाने वाले ट्रकों में भारी ओवरलोडिंग की जा रही है, जिसके कारण क्षेत्रीय सड़कों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। गड्ढों से पटी सड़कों पर आमजन और छात्रों का सफर दूभर हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रकों की लगातार आवाजाही ने सड़कों को जर्जर बना दिया है और कंपन से कई घरों में दरारें तक पड़ गई हैं। अब सवाल यह है कि जिला प्रशासन कब जागेगा क्या खनन माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई होगी या फिर सबकुछ पहले की तरह यूँ ही चलता रहेगा जनता की निगाहें अब प्रशासनिक कदमों पर टिकी हैं।
















