रिपोर्टर-परमसुख सैनी
लोकेशन-पैथेंना (भुसावर )
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले का ग्राम पंचायत पथेना, जिसे अपनी वीरता और सैन्य परंपरा के लिए जाना जाता है, एक बार फिर देशभक्ति के रंग में डूबा नजर आया। गांव के लगभग 400 से अधिक फौजी परिवारों ने एकजुट होकर पुलवामा हमले की बरसी पर शहीदों को नमन किया।
मौन व्रत धारण कर वीरों को किया याद
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पथेना में पुलवामा के अमर बलिदानियों की स्मृति में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिशुपाल फौजी, गोपाल फौजी, शिवराज अंकल और तहसील अध्यक्ष के नेतृत्व में ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों ने मौन व्रत धारण किया। कार्यक्रम में शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनकी वीरता को याद किया गया और नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई।
एक गांव, जहां हर घर से निकलता है ‘रक्षक’
पथेना केवल एक गांव नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति की एक पाठशाला है। 400 से अधिक परिवारों का सेना से जुड़े होना इस बात का प्रमाण है कि यहां की मिट्टी में देशसेवा का जज्बा घुला हुआ है। स्थानीय नेताओं और फौजी भाइयों ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शहीदों का बलिदान हमें हमेशा देश के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाता रहेगा।
















