जेल में सुरक्षा की बातें तो बहुत होती हैं लेकिन इनके अंदर बंद कैदी ही आए दिन सुरक्षा की पोल खोल देते हैं। जिस जेल को हाई सिक्योरिटी वाला मानकर खूंखार आतंकवादी से लेकर सोनम वांगचुक तक को रखा जाता है, उसी जेल में कैदियों ने पहले इफ्तार पार्टी की, फिर फोटो लेकर वायरल किया। जब जेल प्रशासन की क्लास लगी तो तलाशी अभियान चलाया और इसमें जेल प्रशासन की फिर पोल खुल गई जब 13 मोबाइल और अनेक सिम कार्ड बरामद हुए। अब यह बताने की जरूरत तो है नहीं कि खाली हाथ जेल में आने वाले कैदियों के पास मोबाइल आते कहां से हैं? जेल के ही कर्मचारी और सुरक्षा प्रहरी थोड़े से पैसों के लालच में कैदियों तक यह मोबाइल और अन्य सामग्री पहुंचाते हैं। हर बार सरकार कड़ी कार्रवाई करने से बचती रहती है और यह सिलसिला ऐसे ही चलता भी रहता है। हम गारंटी से कह सकते हैं कि सरकार इस बार भी कोई कार्रवाई नहीं करेगी और यह सिलसिला यूं ही चलेगा। जेल में कैदियों और बंदियों के पास मोबाइल होता है तो वे जेल से ही अपराध और वसूली के नेटवर्क को आराम से संचालित करते हैं। और जब जेल में होते हैं तो अपराध करने के बावजूद उनका कोई दोष साबित नहीं हो पाता। इतनी गंभीरता को भी जेल प्रशासन ने कभी गंभीरता से नहीं लिया। यह बेहद चिंताजनक है। ख़ैर। होई है सोई जो राम रचि राखा.
जोधपुर: जेल में इफ्तार पार्टी फोटो वायरल हुआ तो 13 मोबाइल भी मिले
















