अलवर
राजस्थान की उच्च सुरक्षा वाली अलवर सेंट्रल जेल एक बार फिर विवादों में है। जेल प्रशासन ने परिसर के भीतर से भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद की है, जिसने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विटामिन के डिब्बे और जुराबों का खेल
मिली जानकारी के अनुसार, 2 मई की रात को जेल के हल्का नंबर-2 में स्टाफ टॉयलेट के पास संदिग्ध पैकेट मिले। जब इन पैकेटों की जांच की गई, तो अधिकारी दंग रह गए। मल्टी-विटामिन के खाली डिब्बों के अंदर बेहद शातिर तरीके से सात मोबाइल फोन और एक डेटा केबल छिपाकर रखे गए थे। पकड़े जाने से बचने के लिए इन सामानों को पहले जुराबों में लपेटा गया और फिर दीवार के बाहर से अंदर फेंका गया था। राहत की बात यह रही कि बरामद किए गए मोबाइल फोन में अभी सिम कार्ड नहीं मिले हैं।
जेल प्रशासन ने पूरी बरामदगी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की और सामग्री को सीलबंद कर जब्त कर लिया। इस मामले में कोतवाली थाने में कारागृह अधिनियम की धारा 42 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये मोबाइल किसके लिए भेजे गए थे और बाहर से इन्हें फेंकने वाले नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।
गौरतलब रहे की अलवर जेल में बाहरी सामान फेंककर मोबाइल पहुंचाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों मे भी ऐसे कई मामले सामने आए लेकिन पुलिस की रिपोर्ट के बावजूद मुख्य आपूर्तिकर्ताओं तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
सोचनीय है की कड़ी निगरानी और सीसीटीवी कैमरों के बावजूद बाहरी व्यक्ति जेल की दीवारों के इतने करीब कैसे पहुंच पा रहे हैं।
लगातार हो रही ये घटनाएं जेल के भीतर और बाहर के गठजोड़ की ओर इशारा कर रही हैं। बार-बार होती इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
अलवर सेंट्रल जेल में सुरक्षा में सेंध विटामिन के डिब्बे में मिले सात मोबाइल
















