चित्तौडगढ
रिपोर्ट-प्रवीण दवे
चित्तौड़गढ़, 22 अप्रैल।
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बुधवार को जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में जिला कलक्ट्रेट के समिति कक्ष में आयोजित हुई।
बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। बैठक के प्रारंभ में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की अनुपालना की समीक्षा की गई।
इसके पश्चात ई-डीएआर (e-DAR) विश्लेषण, अधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान एवं ब्लैक स्पॉट सुधार कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने लंबित ई-डीएआर निरीक्षण प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शहर क्षेत्र में भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने के संबंध में चर्चा करते हुए जिला कलक्टर ने प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक लागू नो-एंट्री व्यवस्था की प्रभावी पालना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क सुरक्षा से संबंधित अब तक की गई प्रवर्तन कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर ने पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा नियमों की पालना सुनिश्चित करने हेतु की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने नशे की हालत में वाहन चलाने वालों, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के विरुद्ध की गई कार्रवाई तथा थानावार सड़क दुर्घटना रिपोर्ट की समीक्षा की। पुलिस विभाग को विशेष अभियान चलाकर यातायात नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों की रोड बाउंड्री में किए गए अवैध निर्माणों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी एवं संबंधित विभागों को हाईवे का सेफ्टी ऑडिट कराने, अवैध कट बंद करने तथा दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स पर आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने हाईवे किनारे स्थित ढाबों पर अनियंत्रित पार्किंग को रोकने, दुर्घटना संभावित स्थलों पर हाईमास्ट लाइट एवं साइनएज लगाने तथा विद्यालयों के आसपास सड़क सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त रोडसाइड प्लांटेशन को बढ़ावा देने तथा स्कूल वाहनों की नियमित फिटनेस जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में हिट एंड रन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पीड़ितों को नियमानुसार राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल एवं मृतकों के परिजनों को क्लेम दिलाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई। जिला परिवहन अधिकारी को वाहन चालकों की नियमित नेत्र जांच (आई टेस्ट) सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर उपचार उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए संचालित प्रधानमंत्री राहत योजनाओं एवं अन्य सहायता योजनाओं के तहत पात्र व्यक्तियों को नियमानुसार सहायता एवं क्लेम राशि उपलब्ध कराई जाती है।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि सड़क दुर्घटना होने पर घायल व्यक्तियों की सहायता करें एवं तत्काल 112 पर सूचना दें, ताकि “गोल्डन ऑवर” में उपचार उपलब्ध कराकर जनहानि को कम किया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम, जिला परिवहन अधिकारी, अधीक्षण अभियंता (सार्वजनिक निर्माण विभाग), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
















