सिंगरौली से संवाददाता सोनू वर्मा की रिपोर्ट
सिंगरौली। जिले में सड़क सुरक्षा और यात्री संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग द्वारा स्कूल बसों एवं यात्री बसों पर संयुक्त सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान उमेश जोगा (परिवहन आयुक्त) के निर्देशों के तहत संचालित हो रहा है, जिसमें आरटीओ चेक पॉइंट प्रभारी विभा उइके एवं उनकी टीम सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है।

अभियान के दौरान स्कूल बसों और यात्री बसों में फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) की गहन जांच की जा रही है। बिना वैध दस्तावेजों के संचालित वाहनों पर मौके पर ही चालान किया जा रहा है। इसके साथ ही सभी बसों में अनिवार्य सुरक्षा उपकरण—पैनिक बटन, फर्स्ट एड बॉक्स, फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन खिड़की और स्पीड गवर्नर—की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है।
प्रशासन ने National Green Tribunal के मानकों के अनुरूप प्रदूषण नियंत्रण को सख्ती से लागू किया है। बिना PUC या अत्यधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों को तत्काल रोका जा रहा है। स्कूल बसों में ओवरलोडिंग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके, वहीं यात्री बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां मिलने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
चेकिंग के दौरान कई वाहनों में अनियमितताएं पाई गईं—जैसे बिना फिटनेस संचालन, ओवरलोडिंग और सुरक्षा उपकरणों की कमी। ऐसे मामलों में तत्काल चालान काटकर संबंधित संचालकों को कड़ी चेतावनी दी गई है। ड्राइवरों की भी विशेष जांच की जा रही है, जिसमें उनके लाइसेंस की वैधता और नशामुक्त स्थिति सुनिश्चित की जा रही है। “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
आरटीओ चेक पॉइंट टीम द्वारा स्कूल प्रबंधन और बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्थान या संचालक के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी विभा उइके ने कहा कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उनका लक्ष्य है कि सिंगरौली में सभी स्कूल एवं यात्री बसें पूरी तरह सुरक्षित, नियमों के अनुरूप और जिम्मेदारी के साथ संचालित हों।
👉 प्रशासन का मानना है कि इस संयुक्त सख्त चेकिंग अभियान से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बच्चों एवं यात्रियों की सुरक्षा मजबूत होगी और जिले की परिवहन व्यवस्था अधिक अनुशासित एवं विश्वसनीय बनेगी।
















