ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई

7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में 9 आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था और इसमें सेना, नौसेना और वायुसेना के समन्वित प्रयास शामिल थे।

ऑपरेशन की मुख्य बातें:

ऑपरेशन लगभग 25 मिनट तक चला, जिसमें राफेल विमानों ने SCALP मिसाइलों और AASM हैमर बमों से लैस होकर आतंकवादी शिविरों पर सटीक हमले किए।

निशाना बनाए गए ठिकानों में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप, हथियार भंडार और आतंकवाद के अन्य केंद्र शामिल थे।

इन ठिकानों में से कुछ मुजफ्फराबाद, कोटली, बिंबर और बहावलपुर में स्थित थे, जो पाकिस्तान के 100 किलोमीटर अंदर तक फैले हुए थे।

ऑपरेशन में पाकिस्तानी सेना के 64 सैनिक और अधिकारी मारे गए, जबकि 90 से अधिक घायल हुए। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में भी कई पाकिस्तानी चौकियां तबाह कीं।

राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और संदेश:

भारतीय नेताओं और जनता ने ऑपरेशन को देशभक्ति की मिसाल बताया। चित्तौड़गढ़ सहित देश के कई हिस्सों में तिरंगा यात्राएं निकाली गईं, जिसमें जनता ने सेना के प्रति समर्थन और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई

सरकार ने इसे केंद्रित, संतुलित और गैर-विस्तारवादी कार्रवाई बताया, जिसका उद्देश्य आतंकवाद के इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करना था, न कि पाकिस्तानी सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाना।

विदेशी सचिव और सेना ने बताया कि सैन्य संघर्ष पारंपरिक दायरे में रहा और परमाणु खतरे का कोई संकेत नहीं मिला। भारत ने संयम और कूटनीति के साथ कार्रवाई की।

ऑपरेशन सिंदूर का महत्व:

यह ऑपरेशन भारत की आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक नीति और सैन्य क्षमता का प्रतीक है। इसने साबित किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ न केवल प्रतिक्रिया करता है, बल्कि मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। यह ऑपरेशन आतंकवादियों के ठिकानों को ध्वस्त कर देश की सुरक्षा को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम है।

चित्तौड़गढ़ से नरेंद्र सेठिया की रिपोर्ट

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