जी94 न्यूज़ को परमसुख सैनी की रिपोर्ट
लोकेशन-हलैना भरतपुर
हलैना (भरतपुर): क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को बुलंद करने और उनकी मांगों को सरकार तक पहुँचाने के लिए आगामी 18 फरवरी को कस्बा हलैना में एक विशाल किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन की तैयारियों को लेकर किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने कमर कस ली है और गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को लामबंद करना शुरू कर दिया है।
गांवों में जनसम्पर्क और पारंपरिक न्योता
किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों जैसे तिलचिवी, न्यामदपुर और बेरी के नगला का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधा संवाद किया और राजस्थानी परंपरा के अनुसार ‘पीले चावल’ बांटकर सप्रेम आमंत्रित किया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने हक की लड़ाई के लिए बड़ी संख्या में सम्मेलन में पहुंचें।
प्रमुख मुद्दे जिन पर रहेगी नजर:
सम्मेलन के दौरान निम्नलिखित ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की जाएगी:
- पानी का संकट और ERCP: इन्दल सिंह जाट ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को अब तक राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं मिला है। इसके कारण बाणगंगा नदी सूखी पड़ी है और पूरे जिले में पीने व सिंचाई के पानी का गंभीर संकट बना हुआ है।
- किसानों की आर्थिक बदहाली: उन्होंने चिंता जताई कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल पा रहा। इसी वजह से किसान कर्ज के जाल में फंसता जा रहा है।
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील: सम्मेलन में भारत और अमेरिका के बीच हुई व्यापारिक संधि (Trade Deal) पर भी मंथन होगा। किसान नेता के अनुसार, इस डील से स्थानीय किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की संभावना है।
सामूहिक आवाज उठाना जरूरी
इन्दल सिंह जाट ने जोर देकर कहा कि सरकार के नीतिगत फैसलों का सीधा असर किसानों की आय और उनकी अगली पीढ़ी के भविष्य पर पड़ता है। इसलिए, जब तक किसान सामूहिक रूप से अपनी आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक उनकी समस्याओं का समाधान संभव नहीं है।
















