जिला चित्तौड़गढ़
तहसील डूंगला
खबर लोकेशन- चिकारड़ा
रिपोर्टर – राजमल सोलंकी
डूंगला उपखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न गांवों में राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना (Rajasthan Water Sector Livelihood Improvement Project) के तहत वाघन बांध के नहरी विकास कार्यों तथा समुदाय-आधारित आजीविका संवर्धन गतिविधियों का विस्तृत निरीक्षण जापान से आए जायका रिव्यू मिशन (JICA Review Mission) की उच्च-स्तरीय टीम द्वारा किया गया। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण दौरे में सिंचाई विभाग, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग तथा राजीविका के अधिकारी एवं परियोजना से जुड़े फील्ड स्टाफ भी उपस्थित रहे।

बांध स्थल पर जापान से आए प्रतिनिधि मिशिहारा रायसुके एवं JICA इंडिया के प्रतिनिधि सिद्धार्थ परमेश्वरम का मेवाड़ी परंपरा अनुसार साफा एवं माला पहनाकर जल उपयोक्ता संगठन (WUA) के अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। स्थानीय समुदाय की ओर से किया गया यह सांस्कृतिक स्वागत परियोजना के प्रति ग्रामीणों की सहभागिता एवं स्वामित्व को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।स्वागत समारोह के पश्चात सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रकाश चंद्र रेगर, रमाशंकर शर्मा, अधिशाषी अभियंता दीपक जैन तथा सहायक अभियंता प्रकाश चंद्र ने JICA टीम को वाघन बांध एवं नहर तंत्र का फील्ड भ्रमण करवाया। भ्रमण के दौरान विभाग द्वारा परियोजना के अंतर्गत पूर्ण एवं प्रगतिशील निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी टीम को प्रदान की गई। इनमें प्रमुख रूप से—नहर एक्वाडक्ट का निर्माण, कैनाल टाइल एवं सीसी लाइनिंग कार्य,घाट निर्माण,कैनाल टाइल निर्माण संबंधित प्रक्रियाएँ,गुणवत्ता नियंत्रण एवं निर्माण सामग्री परीक्षण व्यवस्था शामिल थे। इन सभी तकनीकी पहलुओं को बैनरों एवं लेआउट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। टीम ने Material Quality Lab के ऑन-साइट डेमो की भी समीक्षा की, जहां निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया का विस्तार से अवलोकन कराया गया। इसके अतिरिक्त टीम ने एक्वाडक्ट एवं कैनाल टाइल लाइनिंग कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर मौजूदा प्रगति की सराहना की।निर्माण कार्यों के निरीक्षण के बाद JICA टीम ने चिकरड़ा में राजीविका के माध्यम से संचालित विभिन्न आजीविका आधारित गतिविधियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पाद—जैसे मसाला उत्पाद, वर्मी कम्पोस्ट, शहद, साबुन, गुलकंद एवं अन्य सामुदायिक उद्यम—प्रमुख रूप से प्रदर्शित किए गए। इस अवसर पर राजीविका विभाग के उप प्रबंधक स्वरूप कुमार, उद्यान विभाग चित्तौड़गढ़ के उप निदेशक एस. एल. जाट, अतिरिक्त संयुक्त निदेशक डॉ. महेश, तथा अर्पण सेवा संस्थान के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।चिकरड़ा में JICA टीम का किसान हित समूह एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा अत्यंत उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया। कार्यक्रम में अर्पण सेवा संस्थान द्वारा भी सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग प्रदान किया गया। महिलाओं ने टीम के साथ संवाद करते हुए परियोजना से हुए वास्तविक परिवर्तन, आजीविका वृद्धि, आर्थिक लाभ, तथा सामाजिक विकास के प्रभावों को विस्तार से साझा किया। उनकी प्रस्तुतियों ने परियोजना के जमीनी असर और समुदाय में आई सकारात्मक बदलावों को स्पष्ट रूप से उजागर किया
















