अलवर
इंजीनियर पॉइंट स्कूल खैरथल के सीबीएसई कैंपस में गौरव और प्रेरणा से भरा नज़ारा देखने को मिला। विद्यालय के दो पूर्व विद्यार्थियों की शानदार उपलब्धि पर भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। अभिमन्यु सिंह पुत्र बलवान सिंह का उत्तर प्रदेश में सहायक आयुक्त के पद पर तथा निकिता गुप्ता पुत्री मुकेश कुमार गुप्ता का एसएससी सीजीएल के माध्यम से भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कार्यालय में चयन होने पर पूरे विद्यालय परिवार ने उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर विश्रान्ति आश्रम आचार्य विजय सेवक, पूर्व वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश लालवानी, कोटकासिम प्रधान डॉ. विनोद कुमारी सांगवान, किशनगढ़ प्रधान बी.पी. सुमन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही अभिमन्यु की माताजी शारदा देवी और उनके भाई गौरव चौधरी भी कार्यक्रम के साक्षी बने। ई.पी. निदेशक आजाद चौधरी, प्रधानाचार्य रमेश कुमार तिवाड़ी एवं आचार्य राजेश कुमार ने माल्यार्पण, पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सभी अतिथियों और दोनों होनहारों का सम्मान किया।

डॉ. राजेश लालवानी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, अपना लक्ष्य सदैव ऊँचा रखो। निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है। एक न एक दिन मंजिल जरूर मिलेगी।”
डॉ. विनोद कुमारी सांगवान ने विशेष रूप से बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “बेटियाँ किसी से कम नहीं हैं। मन लगाकर पढ़ो, जो ठान लो वह पाकर रहो। आसमान छूना तुम्हारे हाथ में है।”
आचार्य विजय सेवक ने अपनी ओजस्वी वाणी से समूचे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा, “फूलों की तरह सदैव मुस्कुराते रहो। जहाँ जाओ, खुशियाँ बिखेरते जाओ। प्रसन्नचित्त मन से किया गया कठिन से कठिन कार्य भी सरल हो जाता है।”

अपने संबोधन में अभिमन्यु सिंह ने कहा, “सिर्फ 8-10 घंटे किताब खोलकर बैठना पढ़ाई नहीं है। टाइमर लगाकर पढ़ो और ईमानदारी से आंकलन करो कि वास्तव में कितने घंटे उत्पादक पढ़ाई हुई। एक लक्ष्य तय करो और उसे पाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दो, फिर दुनिया की कोई ताकत तुम्हें रोक नहीं सकती। विषय को लेकर असमंजस हो तो विज्ञान चुनो — यह आपको मेहनत करना सिखाता है और मेहनती व्यक्ति कभी हारता नहीं।”
समारोह के अंत में ई.पी. निदेशक आजाद चौधरी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “अभिमन्यु और निकिता की यह सफलता केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे ई.पी. परिवार और खैरथल क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। माता-पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद सदैव आपके मार्ग को प्रशस्त करता है। आप सभी विद्यार्थी इनसे प्रेरणा लेकर भविष्य में और भी बड़े मुकाम हासिल करें।”
वहीं अभिमन्यु और निकिता की यह उपलब्धि विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का नया दीपक बन गई
















