ब्यूरोचीफ़ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
गुजरात सरकार न केवल “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” के नारे लगाने में व्यस्त है, बल्कि दूसरी ओर, स्थानीय निर्वाचित नेताओं को यह भी नहीं पता कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में कितने स्कूल स्थित हैं ?।
जबकि प्रतिभाशाली बच्चे बिना किताबों के पढ़ने के लिए मजबूर हैं, वहीं सामाजिक सेवा शिक्षक बच्चों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिसका एक जीता-जागता उदाहरण मांडवी तालुका के अमराकुई गांव में देखने को मिला।
परिवारों की गरीबी के बावजूद, जरूरतमंद बच्चों को बाल मजदूरी करने के लिए विवश होना पड़ता है। ताकि गरीब बच्चे शिक्षा से वंचित न रहें, इसलिए उनके लिए शैक्षिक गतिविधियों को जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

बच्चों को शिक्षा दान मे आगे आए केदार स्टोन और केदार ग्रुप, झंखवाव अमरकुई की ओर से महेशभाई वसावा और रसिकभाई मरोदिया ने अमरकुई गांव के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए सराहनीय पहल है।
बच्चों मे जो तेजस्वी ज्ञान है ओर परिवार की गरीबी को लेके पढाई करने मजबुर बन जाते है वैसे बच्चेको शैक्षिक किट वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को नोटबुक, पेंसिल, रंग के डिब्बे जैसी आवश्यक शैक्षिक सामग्री दी गई और विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को नाश्ता और मिठाई वितरित की गई। किट प्राप्त करने पर बच्चों के चेहरों पर एक अनोखी मुस्कान और उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने बच्चों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और अच्छे नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
इससे प्रेरणा मिली। गांव के अभिभावकों ने इस उत्साहवर्धक पहल की सराहना की।
















